UPSC एग्जाम फेस ऑथेंटिकेशन और बॉयोमैट्री सिस्टम 2026
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा UPSC एग्जाम फेस ऑथेंटिकेशन और बॉयोमैट्री सिस्टम 2026 (UPSC Exam Face Authentication and Biometric System 2026) UPSC एग्जाम में लागू किया गया हैं। यहाँ से डिटेल्स जानें।
UPSC एग्जाम फेस ऑथेंटिकेशन और बॉयोमैट्री सिस्टम 2026 (UPSC Exam Face Authentication and Biometric System 2026):यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा अपनी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अब 'चेहरे की पहचान' (फेस ऑथेंटिकेशन) वाली नई तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर होने वाली धोखाधड़ी और किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने (फर्जीवाड़े) जैसी गतिविधियों को रोकना है। यह नियम सिविल सेवा परीक्षाओं पर लागू होगा ताकि ईमानदार उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। यूपीएससी ने सितंबर 2025 में एआई-सक्षम चेहरे की प्रमाणीकरण तकनीक का परीक्षण करने के लिए एक पायलट कार्यक्रम आयोजित किया गया, यह पायलट प्रोजेक्ट MeitY के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) की सहायता से संचालित किया गया था। यूपीएससी उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म भरते समय, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपनी बिल्कुल नई और साफ फोटो ही अपलोड करें, ताकि परीक्षा के समय डिजिटल मिलान (वेरिफिकेशन) के दौरान उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस लेख मेंUPSC एग्जाम फेस ऑथेंटिकेशन और बॉयोमैट्री सिस्टम 2026 (UPSC Exam Face Authentication and Biometric System 2026)डिटेल्स जानें।
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UPSC एग्जाम फेस ऑथेंटिकेशन और बॉयोमैट्री सिस्टम 2026 (UPSC Exam Face Authentication and Biometric System 2026) : उद्देश्य
छात्र नीचे दिए लेख के माध्यम सेयूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जामबायोमेट्रिक प्रवेश प्रणाली (UPSC biometric entry system) लागू करने के उद्देश्यों को जान सकते हैं।- धोखाधड़ी रोकने के लिए: ताकि कोई भी गलत व्यक्ति किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह बैठकर परीक्षा न दे सके।
- गलतियों को कम करने के लिए: इंसानी तौर पर फोटो देखकर पहचान करने में गलती हो सकती है, लेकिन यह मशीन आधारित तकनीक पहचान करने में ज्यादा सटीक है।
- जल्दी प्रवेश के लिए: इससे परीक्षा केंद्र के गेट पर पहचान करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी, जिससे उम्मीदवारों का समय बचेगा।
- निष्पक्षता के लिए: यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेहनत करने वाले असली उम्मीदवारों को ही मौका मिले और पूरी परीक्षा प्रक्रिया ईमानदारी से पूरी हो।
UPSC एग्जाम फेस ऑथेंटिकेशन और बॉयोमैट्री सिस्टम 2026 के लाभ (Benefits of UPSC Exam Face Authentication and Biometric System 2026)
- प्रत्येक उम्मीदवार के लिए सत्यापन का समय घटकर 8-10 सेकंड हो गया है। मैन्युअल आईडी जांच की तुलना में काफी तेज प्रोसेस हो गया हैं।
- सुरक्षा लाभ: एक अतिरिक्त प्रमाणीकरण परत जोड़ता है प्रॉक्सी उम्मीदवार, वेष बदलने का कार्य और पहचान धोखाधड़ी आदि को रोकने में मदद करता हैं।
- प्रशासनिक लाभ: प्रवेश बिंदुओं पर भीड़ और देरी को कम करता है, सभी केंद्रों में एकसमान सत्यापन मानकों को सुनिश्चित करता हैं।