UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 PDF
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा ऑफिसियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 (UPTET Paper 1 Syllabus 2026) जारी कर दिया गया हैं। यहाँ से UPTET पेपर 1 सिलेबस और एग्जाम पैटर्न आदि जानें।
UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 (UPTET Paper 1 Syllabus 2026 in Hindi) :उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा ऑफिसियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 जारी कर दिया गया हैं। ऑफिसियल नोटिस के अनुसार यूपीटेट 2026 एग्जाम 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 तक आयोजित किये जायेगे, इसलिए आपके पास अब तैयारी के लिए काम समय ही रह गए हैं। उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (UPTET) एग्जाम पैटर्न 2026 के अनुसार इसमें 2 पेपर होते हैं: पेपर 1 तथा पेपर 2, दोनों पेपर ऑफलाइन मोड यानि पेन और पेपर मोड में आयोजित किये जाते जाते हैं। यूपीटेट एग्जाम में 150 मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन होते हैं। सभी प्रश्न के लिए 1 मार्क्स मिलता है। इस प्रकार UPTET एग्जाम 150 मार्क्स की होती है। UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, भाषा I (हिन्दी), भाषा II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित , पर्यावरण अध्ययन सब्जेक्ट शामिल हैं। इस लेख से डिटेल रूप मेंUPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 (UPTET Paper 1 Syllabus 2026 in Hindi)पढ़ें।
यह भी देखें:सुपर टीईटी सिलेबस 2026
UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 (UPTET Paper 1 Syllabus 2026 in Hindi) : पीडीएफ डाउनलोड करें
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UPTET पेपर 1 एग्जाम पैटर्न 2026 (UPTET Paper 1 Exam Pattern 2026 in Hindi)
UPTET पेपर 1 में 150 मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन होते हैं। सभी प्रश्न के लिए 1 मार्क्स मिलता है। इस प्रकार UPTET एग्जाम 150 मार्क्स की होती है। UPTET एग्जाम में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। UPTET परीक्षा के लिए 2 घंटे 30 मिनट यानि 150 मिनट मिलते हैं।| सब्जेक्ट | प्रश्नों की संख्या | मार्क्स |
| बाल विकास और शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा I (हिन्दी) | 30 | 30 |
| भाषा II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
पर्यावरण अध्ययन | 30 | 30 |
| टोटल | 150 | 150 |
UPTET पेपर 1 सिलेबस 2026 (UPTET Paper 1 Syllabus 2026 in Hindi)
UPTET पेपर 1 के लिए सब्जेक्ट-वाइज टॉपिक यहाँ टेबल से देखें।| सब्जेक्ट | प्रश्नों की संख्या |
| बाल विकास और शिक्षाशास्त्र | • बाल विकास की परिभाषा, आवश्यकता और चरण, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास, भाषा विकास और अभिव्यक्ति का विकास, और रचनात्मकता का विकास। • बाल विकास का आधार और इसे प्रभावित करने वाले कारक यानी विरासत और पर्यावरण (पारिवारिक, सामाजिक, स्कूल, संचार माध्यम) सीखने का अर्थ और सिद्धांत • सीखने की परिभाषा और इसे प्रभावित करने वाले कारक • सीखने के नियम - थार्नडाइक और इसका महत्व शिक्षण और सीखने के तरीके • शिक्षण की परिभाषा, शिक्षण के मूल सिद्धांत, शिक्षण के तरीके और स्रोत आंतरिक शिक्षा: मार्गदर्शन और परामर्श • आंतरिक शिक्षा में सभी शारीरिक और मानसिक दक्षता अध्ययन शामिल हैं • उदाहरण के लिए विशेष शिक्षण विधियाँ। ब्रेल लिपि आदि। • समावेशी बच्चों के लिए मार्गदर्शन और परामर्श - अर्थ, उद्देश्य, प्रकार, तरीके, आवश्यकताएँ और क्षेत्र • सीखने में मार्गदर्शन और परामर्श का महत्व |
| भाषा I (हिन्दी) | हिन्दी वर्णमाला। (स्वर, व्यंजन) ➤ वर्षों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान। > वाक्य रचना। > हिन्दी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी विशेष रूप से प. स. श. ब. व. द. रु. ४. क्ष, छ, ण, तथा न की ध्वनियों। > हिंदी भाषा के सभी शब्द, वर्ण, अनुस्वार, अनुनासिक एवं चंद्रबिंदु में अंतर। > संयुक्ताक्षर एवं अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द। ➤ सभी प्रकार की मात्राएँ। ➤ विराम चिन्ह यथा- अल्पविराम, अर्धविराम, पूर्णविराम, प्रश्नवाचक, विस्मयबोधक, चिन्हों का प्रयोग। > विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अतुकान्त, समान ध्वनियों वाले शब्द। > संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण के भेद। > वचन लिंग एवं काल। > प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम, तद्भव व देशज, शब्दों की पहचान एवं उनमें अन्तर। > लोकोक्तियों एवं मुहावरों के अर्थ। > सन्धि-(1) स्वर सन्धि- दीर्घ सन्धि, गुण सन्धि, वृद्धि सन्धि, यं सन्निः, अयादि सन्धि। (2) व्यंजन सन्धि। (3) विसर्ग सन्धि। > वाच्य, समास एवं अलंकार के भेद। > कवियों एवं लेखकों की रचनाएं। ख) भाषा विकास का अध्यापनः- > अधिगम और अर्जन। > भाषा अध्यापन के सिद्धान्त। > सुनने और बोलने की भूमिका भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते है। > मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श। एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां, भाषा की कठिनाइयों, त्रुटियां और विकार। > भाषा कौशल। > भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करनाः बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना। > अध्यापन- अधिगम सामग्रियांः पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन। > उपचारात्मक अध्यापन |
| भाषा II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) | अंग्रेज़ी Part of speech - Noun, Pronoun, Verb, Adverb, Adjective, Conjunction, Preposition Tenses Subject & Predicate Unseen Passage Articles Active & Passive voice, Direct - Indirect Speech उर्दू प्रसिद्ध जनजातियों और कवियों के प्रसिद्ध जीवन और काव्य का ज्ञान मुख़्तलिफ़ असनाफ़ अदब इस्म, जमीर, मुत्ज़ादलफ़ाज़, मोजक्कर, मोअन्नस, सिफत, वाहिद, आदि। मरातुन्ज़िर, तस्बीह और इस्तारा, तलमिह आदि संतों का अध्ययन मुख्तलिफ समाज मुसायल में आलूदगीनाबराबारी, तालीमबराअमन, आदमे, तगाजिया जैसा माहौल मान्यताओं, कहानियों, हिकायतों और संस्मरणों में मौजूद सामाजिक और खालिक अकबर को समझना मुहावरे अपठित गद्यांश संस्कृत शाब्दिक योग्यता अपठित गद्यांश भाषा अध्यापन के सिद्धांत व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलू सुनने की भूमिका और बोलना कक्षा में पढ़ाने की चुनौतियां व्याकरण निष्कर्षों का अधिग्रहण और सीखना शिक्षण-अधिगम भाषा कौशल की सामग्री भाषाई समझ की दक्षता के मूल्यांकन के लिए उपचारात्मक शिक्षण |
| गणित | >संख्याएँ एवं संख्याओं का जोड़, घटाना गुणा, भाग। > लघुत्तम समापवर्तक एवं महत्तम समापवर्तक। > मिन्नों का जोड़, घटाना, गुणा व भाग। > दशमलव - जोड़, घटाना, गुणा व भाग। > ऐकिक नियम। > प्रतिशत। > लाभ-हानि। > साधारण ब्याज। > ज्यामिति-ज्यामितीय आकृतियों एवं पृष्ठ, कोण, त्रिभुज, वृत्त। > धन (रुपया-पैसा)। > मापन- समय, तौल, धारिता, लम्बाई एवं ताप। - परिमिति (परिमाप) नमूना, आयत, वर्ग, चतुर्भुज। > कैलेण्डर। > आंकड़े। > आयतन, घारिता-धन, घनाभ। क्षेत्रफल- आयत, वर्ग। रेलवे या बस समय सारिणी। > आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं निरूपण। ख) अध्यापन संबन्धी मुद्देः- > गणितीय / तार्किक चिंतन की प्रकृति, बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटर्नो तथा अर्थ निकालने और अधिगम की कार्यनीतियों को समझना। > पाठ्यचर्या में गणित का स्थान। > गणित की भापा। सामुदायिक गणित। > औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन। > शिक्षण की समस्याएं। > त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू। > नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण। |
पर्यावरण अध्ययन |
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