राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 (National Science Day 2025 in Hindi) - नेशनल साइंस डे पर हिंदी में निबंध

Shanta Kumar

Updated On: December 05, 2025 10:30 AM

नेशनल साइंस डे (National Science Day in Hindi) 28 फरवरी को मनाया जाता है। 28 फरवरी 1928 को वैज्ञानिक सर सी.वी रमन ने "रमन प्रभाव" की खोज की थी तब से इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस लेख में आप नेशनल साइंस डे पर निबंध लिखना सिख सकते हैं।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 (National Science Day 2025)

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 (National Science Day 2025 in Hindi) - भारत के प्रसिद्ध भौतिकविदों में से एक सर सीवी रमन (CV Raman) द्वारा 'रमन प्रभाव (Raman Effect)' की खोज की याद में प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day in Hindi) के रूप में मनाया जाता है। चंद्रशेखर वेंकट रमन उन भारतीयों में से एक हैं जिन पर देश को गर्व है। भारतीय भौतिक विज्ञानी ने 1930 में अपनी असाधारण खोज के लिए भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीता था जिसे उनके नाम पर ' द रमन इफेक्ट (The Raman Effect) ' रखा गया था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day in Hindi) के लिए प्रति वर्ष एक थीम रखी जाती है। यह थीम प्रत्येक वर्ष भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 (National Science Day 2025 in Hindi) का महत्व प्रदर्शित करती है।

रमन प्रभाव: 28 फरवरी 1928 को भारतीय वैज्ञानिक CV रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की गयी थी। जब प्रकाश की किरणें किसी पारदर्शी वस्तु से होकर गुज़रती है तो वें तरंगदैर्ध्य में बदल जाती है जिस रमन प्रभाव कहते हैं।

जब भारत के बुद्धिमानों को याद करने की बात आती है, तो सीवी रमन एक ऐसा नाम है जो कभी नहीं छूटता। भारत के मद्रास प्रांत में जन्मे, भौतिक विज्ञानी नोबेल पुरस्कार विजेता के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। 'रमन प्रभाव' का गौरव भारत की युवा पीढ़ी को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए एक मजबूत प्रेरक शक्ति है। इसका असर वैश्विक स्तर पर भारत की महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ देखा जा सकता है।

महिला दिवस पर भाषण
दिवाली पर निबंध

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है? (When National Science Day is Celebrated)

राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद, भारत सरकार ने रमन प्रभाव की खोज के लिए 28 फरवरी को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) के रूप में मान्यता देने की घोषणा की। पहला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (First National Science Day) 28 फरवरी 1987 को मनाया गया था और तब से हर साल इसे भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 थीम (National Science Day 2025 Theme)

हर साल नेशनल साइंस डे (National Science Day) एक थीम के साथ मनाया जाता है। पिछले वर्षों तथा इस वर्ष का नेशनल साइंस थीम (National Science Day Theme in Hindi) यहां दिया गया है-

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम 2025 (National Science Day Theme 2025 in Hindi)

जैसे की प्रति वर्ष नेशनल साइंस थीम (National Science Day Theme) का आयोजन होता है। इस वर्ष भी नेशनल साइंस थीम (National Science Day Theme रखी गयी है। वर्ष 2025 के लिए नेशनल साइंस थीम (National Science Day Theme "विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना' है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम (National Science Day Theme 2024 in Hindi)

वर्ष 2024 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 थीम (National Science Day 2024 Theme) "विकसित भारत के लिए भारतीय स्वदेशी प्रौद्योगिकी" तय की गयी थी।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम (National Science Day Theme 2023 in Hindi)

वर्ष 2023 में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2023 का थीम 'वैश्विक भलाई के लिए वैश्विक विज्ञान' घोषित किया था।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम (National Science Day Theme in Hindi)

वर्ष 2022 में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ' सतत विकास के लिए बुनियादी विज्ञान' तय की गई थी। 2022 की थीम अपने आप में बहुत ज्वलंत है। यह बताता है कि विज्ञान के बिना जीना समय की बर्बादी है! क्या चमत्कार होते हैं? यह एक अलग मुद्दा होगा, लेकिन यदि आप विज्ञान में विश्वास करते हैं, तो आप हमेशा निर्णय के पीछे के तर्क पर विचार करेंगे। हम सौभाग्यशाली रहे हैं कि कुछ अद्भुत वैज्ञानिक अध्ययन, सफलताएं और प्रौद्योगिकियां देखने को मिले।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 कहां मनाया जाएगा?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 (National Science Day 2025) विज्ञान भवन में मनाया जाएगा जहां राष्ट्रपति राम नाथ द्रौपदी मुर्मू महिला वैज्ञानिकों को विज्ञान में उनके योगदान के लिए पुरस्कार वितरित करेंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन एवं अन्य मंत्री भी इस विशेष कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।

इस शुभ दिन पर पुरस्कार वितरित किए जाते हैं, जैसे राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और संचार पुरस्कार, एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार, आर्टिकुलेटिंग रिसर्च के लिए लेखन कौशल में वृद्धि (एडब्ल्यूएसएआर) पुरस्कार, उत्कृष्टता के लिए युवा महिला के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार।

National Science Day 2025 in Hindi

यह उत्सव भारत के विभिन्न विज्ञान और अनुसंधान केंद्रों जैसे होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, आईआईएसईआर पुणे, आदि में आयोजित किया जाता है। विभिन्न शैक्षणिक संस्थान भी भारत के प्रसिद्ध नाम सीवी रमन को याद करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

आधुनिक भारत विज्ञान-केंद्रित और प्रौद्योगिकी-संचालित है। पिछले कुछ वर्षों में, देश ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी ताकत साबित की है, चाहे वह नवंबर 2019 में लॉन्च किया गया कार्टोसैट-3 उपग्रह हो, जनवरी 2020 में लॉन्च किया गया GSAT-30, मार्च 2020 में लॉन्च किया जाने वाला GSAT-1, इसरो द्वारा संचालित और डिजाइन किया गया पीएसएलवी के माध्यम से दिसंबर 2019 के रिकॉर्ड के अनुसार 33 देशों के 319 विदेशी उपग्रहों को लॉन्च किया है। किए गए अंतरिक्ष मिशनों में भारत के योगदान को दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है। आज भारत वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में सर्वोच्च देशों में से एक है।

वास्तव में, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दोहराया है कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है और यह देश के आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण अंग है।

दैनिक जीवन में विज्ञान और अनुसंधान के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) मनाया जाता है। इस दिन, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ प्रेस, मीडिया और सामाजिक समारोहों के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हैं ताकि प्रासंगिक तकनीकों, अनुसंधान और प्रचलित उपलब्धियों पर चर्चा की जा सके। देश भर के युवा अन्वेषकों, वैज्ञानिकों, छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में उनके नवाचार और योगदान के लिए पहचाना और प्रेरित किया जाता है।

हिंदी में अन्य निबंध देखें
गाँधी जयंती पर निबंध होली पर निबंध
हिंदी में निबंध पर्यावरण दिवस पर निबंध
मदर्स डे पर निबंध मेरा प्रिय खेल पर निबंध
स्वंत्रता दिवस पर निबंध प्रदूषण पर निबंध
हिंंदी दिवस पर निबंध गाय पर निबंध
मेरे प्रिय मित्र पर निबंध रक्षा बंधन पर निबंध

सीवी रमन के बारे में तथ्य (Facts about CV Raman)

सीवी रमन (CV Raman) का जन्म 7 नवंबर, 1888 को मद्रास के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। जब वे चार साल के थे, सीवी रमन के पिता एक कॉलेज लेक्चरर के रूप में शामिल हुए और वे वाल्टेयर (अब विशाखापत्तनम) चले गए। रमन की बचपन से ही विज्ञान में रुचि थी। उन्होंने 1904 में अपना बी.एससी डिग्री पूरा किया और 1907 में मद्रास विश्वविद्यालय से M.Sc की डिग्री ली और अंग्रेजी एवं भूतिकी में पदक भी जीते।

18 साल की उम्र में, उन्होंने ब्रिटिश जर्नल फिलोसोफिकल मैगज़ीन को एक वैज्ञानिक पत्र प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें एक प्रमुख ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी लोरी रेले का पत्र मिला।

सीवी रमन के बारे में कुछ रोचक तथ्य इस प्रकार हैं:

  • सीवी रमन पहले एशियाई और पहले गैर-श्वेत व्यक्ति हैं जिन्हें विज्ञान में कोई नोबेल पुरस्कार मिला है।
  • सीवी रमन को 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार भी मिल चुका है।
  • सीवी रमन ने 13 साल की उम्र में स्कॉलरशिप पर स्कूल में पढ़ाई की।
  • 1030 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने से पहले, सीवी रमन को 1928 और 1929 के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और इसे क्रमशः ओवेन रिचर्डसन और लुइस डी ब्रोगली ने खो दिया था।
  • सर सीवी रमन को 1957 में सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न मिला।
  • रमन 1929 की भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 16वें सत्र के अध्यक्ष थे।
  • सीवी रमन 1929 में 16वें सत्र के लिए भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
  • सीवी रमन 1933 में नियुक्त बैंगलोर में भारतीय विज्ञान संस्थान के पहले भारतीय निदेशक थे।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) पर जब हम सीवी रमन को याद करते हैं, तो यह भी छात्रों का दायित्व बनता है कि वे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में खोज, आविष्कार और योगदान के माध्यम से उन्हें सम्मानित करें।

Are you feeling lost and unsure about what career path to take after completing 12th standard?

Say goodbye to confusion and hello to a bright future!

news_cta

FAQs

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 थीम क्या है?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 की थीम विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना है। 

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने के क्या फायदे हैं?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ यहां दिए गए हैं:

  • यह विज्ञान के बारे में शिक्षित करने और जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है।
  • यह विज्ञान के महत्व को बढ़ावा देता है और लोगों को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • यह विज्ञान और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करता है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य क्या है?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • लोगों को विज्ञान के बारे में शिक्षित करना
  • विज्ञान के महत्व को बढ़ावा देना
  • युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना
  • विज्ञान और समाज के बीच के संबंध को मजबूत करना

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का इतिहास क्या है?

यह दिन भारत के महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। 1928 में, रमन ने स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज की, जिसे रमन प्रभाव के नाम से जाना जाता है। इस खोज के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 का महत्व क्या है?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है जब हम विज्ञान और नवाचार के महत्व को मनाते हैं। इस अवसर पर हम विज्ञान के क्षेत्र में भारत के योगदान को भी याद करते हैं।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 का थीम क्या है?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 की थीम "विकसित भारत के लिए भारतीय स्वदेशी प्रौद्योगिकी" तय की गई है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 कब मनाया जाएगा?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024, 28 फरवरी 2024 को मनाया जाएगा। 

View More
/articles/national-science-day/

Related Questions

Correspondence course : Sir/madam. Can I do a graduate degree in arts from correspondence in LPU. If yrs, please elaborate admission schedule n fee details. Thanks

-AdminUpdated on January 06, 2026 06:32 PM
  • 61 Answers
vridhi, Student / Alumni

LPU provides flexible graduation programs in Arts through its distance and online learning options. The admission process is straightforward, accessible via the LPU e-Connect portal. With two academic sessions annually, students have greater flexibility in when they begin their studies. The fee structure is designed to be affordable, offering various payment options to make quality education more accessible.

READ MORE...

How is LPU for B.Tech? Do I need JEE Main?

-Tutun KhanUpdated on January 06, 2026 06:32 PM
  • 69 Answers
vridhi, Student / Alumni

LPU is an excellent option for B.Tech, offering advanced laboratories, skilled faculty, and strong placement support. Admission can be secured through LPUNEST or other eligibility criteria, without necessarily requiring JEE Main. The university provides ample opportunities for skill development and industry exposure, though a good JEE score can grant direct admission along with potential scholarships.

READ MORE...

When will be bvsc and ah third round counselling?

-Iram KhokharUpdated on January 06, 2026 06:32 PM
  • 26 Answers
vridhi, Student / Alumni

LPU streamlines admissions for ICAR AIEEA UG B.V.Sc through LPUNEST, offering a clearer path than typical delayed counselling. By securing your seat early, you gain access to superior facilities and strong placement opportunities for a well-prepared career, generally commencing around the December-January timeframe.

READ MORE...

क्या आपके कोई सवाल हैं? हमसे पूछें.

  • 24-48 घंटों के बीच सामान्य प्रतिक्रिया

  • व्यक्तिगत प्रतिक्रिया प्राप्त करें

  • बिना किसी मूल्य के

  • समुदाय तक पहुंचे

ट्रेंडिंग न्यूज़

Subscribe to CollegeDekho News

By proceeding ahead you expressly agree to the CollegeDekho terms of use and privacy policy

Top 10 Science Colleges in India

View All